वाराणसी में अब व्हाट्सएप से जमा होगा गृहकर, जलकर और सीवरकर, नगर निगम ने शुरू की नई डिजिटल सुविधा

वाराणसी: डिजिटल इंडिया अभियान को और मजबूत बनाने की दिशा में वाराणसी नगर निगम ने शहर के लाखों भवन स्वामियों को बड़ी सुविधा दी है। अब लोगों को गृहकर, जलकर और सीवरकर जमा करने के लिए नगर निगम कार्यालय के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। नई व्यवस्था के तहत नागरिक अब अपने मोबाइल फोन से सिर्फ व्हाट्सएप के जरिए घर बैठे कर भुगतान कर सकेंगे। नगर निगम का कहना है कि इस कदम से करदाताओं का समय बचेगा और भुगतान प्रक्रिया पहले की तुलना में कहीं ज्यादा आसान हो जाएगी।

House tax in Varanasi can now be paid via WhatsApp.

इस नई सुविधा का शुभारंभ शनिवार को मैदागिन स्थित टाउनहाल भवन में आयोजित नगर निगम सदन की बैठक के दौरान किया गया। कार्यक्रम में महापौर अशोक कुमार तिवारी ने बटन दबाकर सेवा की शुरुआत की। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, शहर में डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देने और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं देने के उद्देश्य से इस सिस्टम को तैयार किया गया है। अब करदाता लंबी लाइनों में लगने या भुगतान केंद्रों तक पहुंचने की परेशानी से बच सकेंगे।

नगर निगम द्वारा जारी जानकारी के मुताबिक, करदाता अपने मोबाइल में सेव किए गए 86018 72601 नंबर पर व्हाट्सएप के माध्यम से केवल “Hi” लिखकर संदेश भेजेंगे। इसके बाद उन्हें आगे की प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी मिलेगी और वे आसानी से अपने कर का भुगतान कर सकेंगे। अधिकारियों का कहना है कि सिस्टम को इस तरह डिजाइन किया गया है ताकि तकनीक की कम जानकारी रखने वाले लोग भी आसानी से इसका इस्तेमाल कर सकें। नगर निगम का दावा है कि पूरी प्रक्रिया यूजर फ्रेंडली रखी गई है और कुछ आसान स्टेप्स को पूरा करके भुगतान किया जा सकता है।

पिछले कुछ वर्षों में सरकारी विभागों ने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपनी सेवाओं का तेजी से विस्तार किया है। बैंकिंग, बिजली बिल, पानी का बिल, गैस बुकिंग और कई अन्य सेवाएं पहले ही ऑनलाइन हो चुकी हैं। अब नगर निगम की इस नई पहल को भी उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। खासकर ऐसे लोगों के लिए ये सुविधा काफी उपयोगी साबित हो सकती है जो व्यस्त दिनचर्या के कारण कार्यालयों में जाकर भुगतान करने के लिए समय नहीं निकाल पाते हैं।

नगर निगम अधिकारियों का मानना है कि व्हाट्सएप देश के सबसे लोकप्रिय मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स में से एक है। बड़ी संख्या में लोग रोजाना इसका इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में अगर कर भुगतान जैसी सेवाएं सीधे व्हाट्सएप से जुड़ जाएं तो नागरिकों को अलग से किसी एप्लिकेशन या वेबसाइट पर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यही वजह है कि इस सेवा को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की योजना बनाई जा रही है।

जानकारों का कहना है कि डिजिटल भुगतान को बढ़ावा मिलने से पारदर्शिता भी बढ़ती है। ऑनलाइन ट्रांजैक्शन का रिकॉर्ड आसानी से सुरक्षित रहता है और भुगतान से जुड़ी जानकारी तुरंत उपलब्ध हो जाती है। इसके अलावा नकद भुगतान से जुड़े कई जोखिम भी कम हो जाते हैं। नगर निगम को उम्मीद है कि नई सुविधा शुरू होने के बाद कर संग्रह में भी सुधार देखने को मिल सकता है, क्योंकि लोगों के लिए भुगतान करना पहले की तुलना में ज्यादा आसान हो जाएगा।

शहर के कई नागरिकों ने भी इस पहल का स्वागत किया है। उनका कहना है कि पहले कर जमा करने के लिए कई बार समय निकालना पड़ता था और कुछ मामलों में लंबी प्रतीक्षा भी करनी पड़ती थी। अब मोबाइल से भुगतान की सुविधा मिलने के बाद प्रक्रिया काफी सरल हो जाएगी। खासकर नौकरीपेशा लोगों, वरिष्ठ नागरिकों और दूसरे शहरों में रहने वाले संपत्ति मालिकों को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।

नगर निगम की तरफ से ये भी बताया गया है कि आने वाले समय में नागरिक सेवाओं को और ज्यादा डिजिटल बनाने पर काम किया जाएगा। प्रशासन का लक्ष्य है कि लोगों को अधिकतम सुविधाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाएं ताकि उन्हें छोटी-छोटी सेवाओं के लिए कार्यालयों का रुख न करना पड़े। डिजिटल सिस्टम से न सिर्फ नागरिकों का समय बचेगा बल्कि प्रशासनिक कार्यों में भी तेजी आएगी।

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विशेषज्ञों के अनुसार, देशभर के कई शहरों में नगर निकाय डिजिटल प्लेटफॉर्म को अपनाने पर जोर दे रहे हैं। वाराणसी में शुरू की गई ये सुविधा भी उसी बदलाव का हिस्सा मानी जा रही है। अगर लोगों द्वारा इसका व्यापक स्तर पर उपयोग किया जाता है तो भविष्य में और भी कई सेवाएं व्हाट्सएप आधारित प्लेटफॉर्म से जोड़ी जा सकती हैं।

फिलहाल नगर निगम ने लोगों से अपील की है कि वे नई सुविधा का लाभ उठाएं और कर भुगतान के लिए डिजिटल माध्यमों का उपयोग करें। अधिकारियों का कहना है कि इससे समय की बचत होगी, भुगतान प्रक्रिया आसान बनेगी और नागरिकों को बेहतर सर्विस एक्सपीरियंस मिलेगा। नगर निगम को उम्मीद है कि शहर के लाखों करदाता इस नई सुविधा का लाभ उठाकर डिजिटल इंडिया अभियान को और मजबूत बनाने में योगदान देंगे।

वाराणसी में शुरू हुई ये पहल सिर्फ एक तकनीकी बदलाव नहीं है, बल्कि नागरिक सुविधाओं को आधुनिक बनाने की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में इसका असर कर भुगतान व्यवस्था और नगर निगम की कार्यप्रणाली दोनों पर देखने को मिल सकता है।

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