वाराणसी: वाराणसी से एक दुखद घटना सामने आई है, जहां नमो घाट घूमने आए तीन युवकों में से दो की गंगा नदी में डूबने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि तीनों युवक बिहार के रहने वाले थे और वाराणसी में एक परीक्षा देने आए थे। परीक्षा समाप्त होने के बाद उन्होंने शहर के प्रसिद्ध नमो घाट को देखने का फैसला किया। हालांकि, घूमने के दौरान हुई एक छोटी सी चूक ने दो परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं।
मिली जानकारी के अनुसार, परीक्षा देने के बाद तीनों दोस्त नमो घाट पहुंचे थे। घाट पर कुछ समय बिताने के दौरान वे गंगा किनारे चले गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इसी दौरान दो युवक अचानक अपना संतुलन खो बैठे और गहरे पानी की तरफ चले गए। शुरुआत में उनके साथ मौजूद तीसरे युवक को लगा कि वे खुद बाहर आ जाएंगे, लेकिन कुछ ही पलों में स्थिति गंभीर हो गई। दोनों युवक पानी में डूबने लगे और तेज बहाव की वजह से देखते ही देखते नदी के अंदर चले गए।
घटना को अपनी आंखों के सामने होते देख तीसरा युवक घबरा गया और उसने तुरंत आसपास मौजूद लोगों से मदद की गुहार लगानी शुरू कर दी। घाट पर मौजूद लोगों ने भी युवकों को बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। गंगा का बहाव तेज होने के कारण दोनों युवक पानी में दूर तक बह गए। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। साथ ही एनडीआरएफ की टीम को भी बुलाया गया ताकि सर्च ऑपरेशन शुरू किया जा सके।
इसके बाद कई घंटों तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। एनडीआरएफ, पुलिस प्रशासन और स्थानीय लोगों की मदद से गंगा नदी में युवकों की तलाश की गई। काफी मशक्कत के बाद दोनों युवकों के शव बरामद कर लिए गए। शव मिलने के बाद पूरे घाट क्षेत्र में शोक का माहौल बन गया। वहीं घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों को भी सूचना दी गई, जिसके बाद परिवार के लोग सदमे में आ गए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गंगा किनारे घूमने के दौरान अक्सर लोग सुरक्षा नियमों को नजरअंदाज कर देते हैं। कई बार फोटो लेने या नदी के ज्यादा करीब जाने की कोशिश में हादसे हो जाते हैं। नमो घाट वाराणसी के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है और यहां रोजाना बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और टूरिस्ट पहुंचते हैं। ऐसे में सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतना बेहद जरूरी हो जाता है।
प्रशासन की ओर से भी समय-समय पर लोगों से अपील की जाती है कि वे गंगा किनारे सावधानी बरतें और निर्धारित सुरक्षा सीमाओं का पालन करें। खासकर ऐसे लोग जो शहर से बाहर से आते हैं और नदी के बहाव तथा गहराई के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं रखते, उन्हें अतिरिक्त सतर्क रहने की जरूरत होती है।
इस दुखद घटना ने एक बार फिर नदी किनारे सुरक्षा व्यवस्था और लोगों की जागरूकता को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। परीक्षा देने आए तीन दोस्तों ने शायद कभी नहीं सोचा होगा कि उनका ये छोटा सा घूमने का प्लान इतनी बड़ी त्रासदी में बदल जाएगा। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
ये घटना सभी लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण सीख भी है कि किसी भी नदी, तालाब या जलाशय के पास जाते समय सुरक्षा नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है। थोड़ी सी लापरवाही कई बार जिंदगीभर का दुख बन सकती है।